जहां मै काम करता हूं वहां ऑफिस के बाहर एक चाय वाला बैठता है...उसकी कुल्लड़ की चाय पत्रकारों के बीच काफी मांग रहती है हमारे चैनल के अलावा भी ..एक आपको आगे रखने वाले तेज़ तरार चैनल के कुछ नामी गिरामी पत्रकार भी वहां चाय पिने पहुंच जाते अमूमन सभी लोग चाय पीने के बाद अपना चाय का कुल्लड़ वहीं बह रही एक नाली जिसका बहना बंद हो चुका है उसमे अपना अपना कुल्लड़ फेंक के चल देते है... वे चाय वाला जिसका नाम सीता राम है और वो इसी नाम से मशहूर भी है वो बेचारा इन ज्ञानी पत्रकारों से मान सुनहार करता रहता है की उस नाली मे कृप्या कुल्लड़ न फेंके लेकिन कोइ उसकी नही सुनता....दुनिया भर को क़ानून का पाठ पड़ाने वाले सबको कोसने वाले ये तथाकथित पत्रकार खुद के गिरेबान मे क्यो नही झांकते क्यों सीता राम की गुहार नही सुनते............
Mohalla Live
-
Mohalla Live
------------------------------
गाली-मुक्त सिनेमा में आ पाएगा पूरा समाज?
Posted: 24 Jan 2015 12:35 AM PST
सिनेमा समाज की कहानी कहता है और...
11 years ago

1 टिप्पणियाँ:
पत्रकार वर्ग ही सबसे गैरजिम्मेदार वर्ग है।
ये तो एक मामला है, गाड़ी पर प्रैस की चिप्पी लगाकर यातायात नियमों का उल्लंघन भी यही करते हैं
Post a Comment