
खबरो से खेलने वेल दो चॅनेल इस वक़्त करोड़ो लोगो की आस्था से खेलने में जुटे है पत्रकारिता का स्तर इतना नीचे गिर जाएगए इसकी उम्मीद नही थी
खेलने के लिए यू ट्यूब से वीडीयो उठाकर बड़े बड़े खुलासे करने का दावा करने वाले इन चेनलों ने इस बार भगवान को ही निशाने पर ले लिया है भगवान को
बीच में रख कर दोनो एक दूसरे पर छींटाकशी करने से नही चूक रहे दोनो मे खुद को दर्शको का बड़ा हितेशी बताने की होड़ लगी है कल तक एक साई के वीडीयो को सच बता रहा था
तो आज दूसरे ने उसकी बेइज़्ज़ती करने की ठान ली असलियत तो ये है की किसी को भी लोगो की भावना की परवाह नही है बस टी आर पी आनी चाहिए फिर वो चाहे कैसे भी आए
जो प्रोडुसेर इस वक़्त साई के नाम पर खेल रहे है और एक दूसरे चेनलोंपर छींटाकशी कर रहे है वो देर रत किसी भी पब ये पार्टी मे जाम हाथ में लिए साई पर खेले
गये खेल की शान में कसीदे गाडते हुए सुने जा सकते है खबरो से खेलने वाले दो चॅनेल इस वक़्त करोड़ो लोगो की आस्था से खेलने में जुटे है पत्रकारिता का स्तर इतना नीचे गिर जाएगा इसकी उम्मीद नही थी
खेलने के लिए यू ट्यूब से विडियो उठाकर बड़े बड़े खुलासे करने का दावा करने वेल इन चन्नेलो ने इस बार भगवान को ही निशाने पर ले लिया है भगवान को
बीच में रख कर दोनो एक दूसरे पर छींटाकशी करने से नही चूक रहे दोनो मे खुद को दर्शको का बड़ा हितेशी बताने की होड़ लगी है कल तक एक साई के विडियो को सच बता रहा था
तो आज दूसरे ने उसकी बेइज़्ज़ती करने की ठान ली असलियत तो ये है की किसी को भी लोगो की भावना की परवाह नही है बस टी आर पी आनी चाहिए फिर वो चाहे कैसे भी आए
जो प्रोडुसेर इस वक़्त साई के नाम पर खेल रहे है और एक दूसरे चन्नेल्लो पर छींटाकशी कर रहे है वो देर रत किसी भी पब ये पार्टी मे जाम हाथ में लिए साई पर खेले
गये खेल की शान में कसीदे गाडते हुए सुने जा सकते है असली जिंदगी में चाहे वो कुछ भी करे लेकिन लोगो की आस्था का मज़ाक उड़ाने की छूट किसी को नही दी जा सकती
इसलिए आप लोगो से अनुरोध है की अगली बार जब ये चॅनेल इस तरह की घटिया प्रस्तुति पर फ़ोन करके आपसे राय देने को कहे तो आप फ़ोन पर उन्हे भरपूर गालिया देकर शर्मसार करे .
मेरे बारे में...
- राहुल गोयल
- पेशे से पत्रकार हूं ...करियर अभी शुरु किया है सो अभी तो इस विचित्र दुनिया को समझने की कोशिश कर रहा हूं.....
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खबरों से खेलो पर आस्था से तो मत खेलो
Sunday, June 8, 2008प्रस्तुतकर्ता राहुल गोयल पर 7:15 AM 0 टिप्पणियाँ
तेल में लगी आग:आग पर सिकती राजनीती की रोटियां
Friday, June 6, 2008
तेल के दामों में फिर आग लग गयी है अभी दो ही दिन बीते थे देश मे तेल के दाम बड़े की अंतरराष्ट्रिया बाज़ार में तेल की कीमते एक बार फिर १३९ डॉलर
प्रति बेरेल के पर जा पहुँची हैं पर हमारे देश मे तेल के दाम बदते ही तेल पर राजनीति का खेल शुरू हो गया है कहीं अशोक गोयल पुरानी दिल्ली मे घोड़े की सवारी
कर रहे है तो कही वनकय्या नायडू बैल को हलकान किए जा रहे है मध्य परदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान साइकल से आफ़िस जा रहे है लेकिन लगता नही
है की राजनीति के स्टंट से ज़्यादा नेताओं को सच में आम जनता की कोई फिकर है लेकिन जिस शहर में मे रहता हू वाहा भाजपा की महिला प्रकोष्ठत की
कुछ महिलाओं ने सिलेंडर की अर्थ निकाली और उसकी शव यात्रा को कंधा दिया अब हिंदू धर्म में तो महिलाओं को कंधा देने की इजाज़त नही है लेकिन इन महिलाओं
ने फिर भी दिया खैर छोड़िए अब बात करते है असली जिंदगी की कुसुम की कुछ साल पहले ही शादी हुई थी पति एक प्राइवेट फार्म में पाँच हज़ार ही नौकरी करते है कुछ दिन पहले किष्तो
पर एक मोटोरसाइकेल ली थी लेकिन अब पेट्रोल के बड़े दामों ने उनके लिया दिक्क़ते खड़ी कर दी है रसोई गॅस के बड़े दामों ने कुसुम के माथे पर चिंता की लकीरें खिच दी है पर वो कोई विरोध नई
जाता सकते अड्जस्ट करना होगा क्योंकि देश तर्रकी कर रहा है उन्हे भी ये दिखाना होगा की वो भी तर्रकी कर रहे है इन बड़ी कीमतों की झेल सकते है
फिर भले ही इस तेल की चक्कर में उनका खुद का तेल क्यों ना निकल जाए देश तर्रकी कर रहा है महनगाई दर ८ फीसदी ज़्यादा है तो क्या हुआ
विकास दर भी तो इतनी है फिर बेशक इन आँकड़ो के खेल मे करोड़ो कुसुम और उनके पति पिसते रहे तो पीसने दीजिए किसी को क्या फरक पढ़ता है
प्रस्तुतकर्ता राहुल गोयल पर 11:31 PM 3 टिप्पणियाँ